उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय को मिली रफ्तार: कुलपति समेत 94 पदों को मिली हरी झंडी, शासन ने जारी किया आदेश

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उत्तराखंड के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश के पहले 'खेल विश्वविद्यालय' (हल्द्वानी) के सुचारू संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। राज्य शासन ने विश्वविद्यालय के लिए कुलपति समेत कुल 94 नए पदों के सृजन की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और अकादमिक गतिविधियों को पंख लगेंगे।

उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के संचालन की राह अब साफ हो गई है। शासन ने विश्वविद्यालय के लिए कुलपति सहित 94 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। पदों की स्वीकृति के साथ ही विश्वविद्यालय को आकार देने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय में खेल कोचिंग के साथ खेल विज्ञान, खेल प्रबंधन, खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।  शासनादेश के अनुसार विश्वविद्यालय में सबसे अधिक 39 पद खेल कोचिंग विंग के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें प्रधान एवं मुख्य कोच के 13 पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे। इसके अलावा कोच के 13 पद पदोन्नति से तथा सहायक प्रशिक्षक के 13 पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। इससे विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी। विश्वविद्यालय में खेल को केवल मैदान तक सीमित न रखकर वैज्ञानिक और प्रबंधन आधारित शिक्षा से जोड़ने की तैयारी है। खेल प्रबंधन संकाय में प्रोफेसर का एक, एसोसिएट प्रोफेसर के दो और असिस्टेंट प्रोफेसर के चार पद मंजूर किए गए हैं। वहीं खेल विज्ञान संकाय में भी प्रोफेसर का एक, एसोसिएट प्रोफेसर के दो और असिस्टेंट प्रोफेसर के चार पदों को स्वीकृति मिली है। इसके अतिरिक्त प्रयोगशाला सहायक का एक पद और केंद्रीय पुस्तकालय विंग में तीन विभिन्न पद सृजित किए गए हैं। इससे खिलाड़ियों और खेल से जुड़े विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ अकादमिक एवं शोध आधारित संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय में खिलाड़ियों की फिटनेस, चोट से उबरने और मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए 12 पदों को मंजूरी दी गई है। इनमें खेल चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मनोवैज्ञानिक, नर्स और वार्ड सहायक जैसे पद शामिल हैं। खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक स्वास्थ्य और रिकवरी को भी प्रशिक्षण व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय संचालन के लिए कुलपति, कुलसचिव, उप कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और वित्त अधिकारी समेत विभिन्न पद भी स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा गैर-शिक्षण और सहायक कर्मचारियों के पदों का भी प्रावधान किया गया है। विश्वविद्यालय में खेल मैदानों के रखरखाव और अन्य सेवाओं के लिए आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें 20 मैदान कर्मी, 10 एमईपी कर्मचारी और 15 बहुकार्यकारी कर्मचारी शामिल होंगे। इसके अलावा खिलाड़ियों के खान-पान और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए दो पोषण विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएंगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के संकल्प के साथ निकाली गई ओलंपिक कांवड़ यात्रा के दौरान जो संकल्प लिया गया था, वह अब साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से खेल विश्वविद्यालय के संचालन की बड़ी बाधा दूर हुई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में खेल विज्ञान, खेल प्रबंधन और आधुनिक कोचिंग की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसका सीधा लाभ प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को मिलेगा। उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने के अवसर मिलेंगे। शासन की ओर से पदों को मंजूरी मिलने के बाद अब विश्वविद्यालय के संचालन और नियुक्तियों से जुड़ी आगामी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।