Mar 29, 2026

उत्तराखंड आज पर्वतीय बुनियादी ढांचे के लिए समर्पित 3460 करोड़ के साथ केंद्रीय 'प्राइड ऑफ हिल्स' योजना के प्रमुख लाभार्थी के रूप में उभरा

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देहरादून। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता (SAS-CI) गाइडलाइंस में उत्तराखंड को बड़ा तोहफा मिला है। ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ नाम से शुरू की गई नई विशेष योजना के तहत पर्वतीय राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड को 3460 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन मिला है। इसके अलावा, राज्य को 765 करोड़ रुपये की अनटाइड फंड्स (बंधन-मुक्त धनराशि) भी प्राप्त होंगी। इस अनटाइड फंड का उपयोग राज्य सरकार अपनी स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित की योजनाओं पर स्वतंत्र रूप से कर सकेगी। कुल मिलाकर यह सहायता उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और समग्र विकास को नई गति देने वाली साबित होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। सीएम धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य तेजी से प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है।

सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के अनुसार, यह आवंटन राज्य की भौगोलिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों में मील का पत्थर साबित होगा। प्राप्त धनराशि का मुख्य उपयोग सड़कों, कनेक्टिविटी, पुलों और अन्य मूलभूत ढांचागत परियोजनाओं में किया जाएगा। विशेष रूप से दूरस्थ पर्वतीय इलाकों, सीमांत क्षेत्रों और चारधाम यात्रा मार्गों पर बेहतर सड़क सुविधा विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और जीवन स्तर में सुधार आएगा। ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना पर्वतीय राज्यों की विशिष्ट चुनौतियों जैसे दुर्गम भू-भाग, भूस्खलन, सड़क निर्माण में उच्च लागत आदि  को ध्यान में रखकर बनाई गई है। केंद्र सरकार का यह प्रावधान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्वी राज्यों को विशेष प्रोत्साहन देने का हिस्सा है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पहले से ही इन फंड्स के उपयोग की रूपरेखा तैयार कर ली है। प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जाएगी जहां कनेक्टिविटी सबसे बड़ी समस्या है। बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं में भी सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि 3460 करोड़ रुपये का यह अतिरिक्त आवंटन उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। यह राशि राज्य की अपनी आय के साथ जुड़कर विकास कार्यों को और तेज करेगी। केंद्र सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड सरकार को विकास योजनाओं को लागू करने में नई ऊर्जा मिली है। अब नजर इस बात पर होगी कि प्राप्त धनराशि का कितना प्रभावी और पारदर्शी उपयोग किया जाता है।