केदारनाथ पैदल मार्ग पर दो दर्दनाक हादसे: पहाड़ी से पत्थर गिरने और खाई में फिसलने से महाराष्ट्र के दो श्रद्धालुओं की मौत, अलर्ट पर प्रशासन

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रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर दो अलग-अलग हादसों में महाराष्ट्र से आए दो श्रद्धालुओं की अकाल मृत्यु हो गई। पहली घटना में चीरबासा के समीप अचानक पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक वृद्ध महिला की जान चली गई, वहीं दूसरे हादसे में छौड़ी गधेरे के पास असंतुलित होकर गहरी खाई में गिरने से एक अन्य श्रद्धालु की मौत हो गई। इन हादसों के बाद प्रशासन ने यात्रा मार्ग के संवेदनशील पहाड़ी हिस्सों में गश्त बढ़ा दी है और यात्रियों से मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। 

केदारनाथ धाम की यात्रा के बीच रविवार को गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर दो अलग-अलग हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी। मार्ग के दो संवेदनशील हिस्सों में हुई घटनाओं में महाराष्ट्र के दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। पहली घटना चीरबासा हेलीपैड के समीप हुई, जहां पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने की चपेट में आने से 60 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं दूसरी घटना गौरीकुंड से आगे छौड़ी गधेरे के पास हुई, जहां एक यात्री गहरी खाई में जा गिरा। पहली घटना रविवार 6 सितंबर को चीरबासा हेलीपैड के पास हुई। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को जसपाल सिंह के माध्यम से सूचना मिली कि गौरीकुंड से श्री केदारनाथ धाम जाने वाले पैदल मार्ग पर पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने से एक महिला यात्री गंभीर रूप से घायल हो गई है। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और पुलिस की रेस्क्यू टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। टीमों ने मौके पर पहुंचकर घायल महिला को रेस्क्यू किया और तत्काल उपचार के लिए गौरीकुंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान मंगल अपाराव सिंधे (60 वर्ष), निवासी ग्राम नीमगांव, जिला सोलापुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। घटना की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है। प्रशासन की ओर से पंचनामा और अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार और जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पत्थर की चपेट में आने से महिला श्रद्धालु की मौत की पुष्टि की। दूसरी घटना गौरीकुंड से आगे छौड़ी गधेरे के पास हुई। यहां एक यात्री अचानक गहरी खाई में जा गिरा। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, वाईएमएफ और आपदा मित्र की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीमों ने यात्री को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान 59 वर्षीय यशवंत किसनराव थोरात, निवासी महाराष्ट्र के रूप में हुई है। एक ही दिन में यात्रा मार्ग पर दो श्रद्धालुओं की मौत के बाद संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सतर्कता को लेकर सवाल और चिंता दोनों बढ़ गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने यात्रियों से मौसम और पैदल मार्ग की स्थिति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्री संवेदनशील स्थानों पर अनावश्यक रूप से न रुकें और प्रशासन, पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पालन करें। डीएम विशाल मिश्रा ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए यात्रा मार्ग पर तैनात अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए राहत एवं रेस्क्यू व्यवस्था को सक्रिय रखने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे पहाड़ी मार्गों पर जल्दबाजी से बचें और बारिश अथवा मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रुकें। यात्रा के दौरान प्रशासन की एडवाइजरी को प्राथमिकता देने से जोखिम को कम किया जा सकता है।