Apr 19, 2026

विद्युत नियामक आयोग ने होटल मालिकों को दी बड़ी सौगात: फिक्स्ड चार्ज छूट का लाभ उठाएं

post-img

देवभूमि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन उद्योग के लिए धामी सरकार और विद्युत नियामक आयोग ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य के होटल और रेस्तरां संचालकों को ऑफ सीजन के दौरान भारी-भरकम बिजली बिलों से निजात मिलेगी। सरकार एक ऐसी योजना ला रही है, जिसके तहत ऑफ सीजन में बिजली के 'फिक्स्ड चार्ज' (Fixed Charge) में विशेष छूट दी जाएगी।

अक्सर देखा जाता है कि सर्दियों या ऑफ सीजन (1 नवंबर से 31 मार्च) के दौरान, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या कम हो जाती है। इस वजह से होटल और रेस्तरां या तो बंद रहते हैं या बहुत कम स्तर पर चलते हैं। कम कारोबार के बावजूद इन व्यवसायियों को फिक्स्ड चार्ज का पूरा भुगतान करना पड़ता था। अब नई व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई होटल या रेस्तरां ऑफ सीजन में अपने कुल कनेक्शन लोड का 10 फीसदी या उससे कम बिजली इस्तेमाल करता है, तो उसे फिक्स्ड चार्ज में बड़ी राहत दी जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। होटल और रेस्तरां संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। स्मार्ट मीटर के जरिए विभाग बिजली की सटीक खपत की निगरानी करेगा। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर खराब होने पर उसे 10 दिनों के भीतर बदलना होगा, ताकि खपत का रिकॉर्ड बाधित न हो। योजना का लाभ लेने के इच्छुक कारोबारियों को 30 सितंबर तक आवेदन करना होगा। विभाग पात्रता की जांच के बाद उन्हें योजना में शामिल करेगा। यह पहल न केवल आर्थिक बोझ कम करेगी, बल्कि ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा देगी, क्योंकि कम खपत पर मिलने वाला लाभ उपभोक्ताओं को बिजली बचाने के लिए प्रेरित करेगा। आयोग के अध्यक्ष के अनुसार, यह फायदा पूरे प्रदेश के लिए है, लेकिन इसका सर्वाधिक लाभ यात्रा मार्ग और पहाड़ी क्षेत्रों के उन छोटे होटल-रेस्तरां को मिलेगा जो केवल सीजनल रूप से चलते हैं। ऑफ सीजन में आर्थिक संबल प्रदान करने वाली यह योजना उत्तराखंड की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम मानी जा रही है।