देहरादून। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें गैस सिलिंडर बुकिंग के लिए 45 दिन का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, ग्रामीण उपभोक्ता भी अब शहरी उपभोक्ताओं की तरह 25 दिन बाद ही गैस बुकिंग कर सकेंगे। हालांकि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 45 दिन का नियम पहले की तरह लागू रहेगा।
दरअसल, कुछ समय पहले गैस सिलिंडरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति प्रबंधन को देखते हुए सरकार ने शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद गैस बुकिंग की सीमा तय की थी। इस निर्णय से ग्रामीण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि उन्हें लंबे समय तक गैस की उपलब्धता के लिए इंतजार करना पड़ता था। ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस नियम में संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। पूर्ति विभाग के अनुसार, जिले में गैस सिलिंडरों की आपूर्ति लगातार जारी है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। मंगलवार को ही लगभग 10,500 उपभोक्ताओं को घर-घर जाकर गैस सिलिंडर वितरित किए गए। हालांकि, इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में बैकलॉग की स्थिति अभी भी बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि 45 दिन की सीमा समाप्त होने के बाद गैस बुकिंग की संख्या में तेजी आने की संभावना है। इसे देखते हुए पूर्ति विभाग ने गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों को सिलिंडरों की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बढ़ती मांग को समय पर पूरा किया जा सके। प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और गैस वितरण प्रणाली अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से गैस सिलिंडरों का स्टॉक न करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।