Mar 25, 2026

कोरोना जैसा अनुशासन फिर जरूरी: मुख्यमंत्री धामी ने मिडिल ईस्ट तनाव पर प्रदेशवासियों से साझा किए विचार आज।

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देहरादून। उत्तराखंड में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार सतर्क हो गई है। संभावित वैश्विक प्रभावों के मद्देनजर राज्य स्तर पर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों से शांति, संयम और एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि किसी भी वैश्विक संकट का सामना घबराहट से नहीं, बल्कि समझदारी और सामूहिक प्रयास से किया जाना चाहिए। उनका यह बयान नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दिए गए आश्वासन के बाद आया है, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत सरकार मिडिल ईस्ट की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सीएम धामी ने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस कठिन समय में देश और प्रदेश ने एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया था। सीमित संसाधनों के बावजूद लोगों ने धैर्य और अनुशासन के साथ स्थिति को संभाला, जो आज भी प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में भी उसी तरह के संयम और जागरूकता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा, “यह समय सजग रहने का है, न कि डरने का।” साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और हर स्थिति की निगरानी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव भारत समेत अन्य देशों पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में सरकार और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। फिलहाल उत्तराखंड सरकार हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर त्वरित कदम उठाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि यदि सभी लोग संयम और एकजुटता बनाए रखें, तो किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।