देहरादून। पुष्कर सिंह धामी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बुधवार को पहली कैबिनेट बैठक सचिवालय में शुरू हो गई है। इस बैठक को कई मायनों में अहम माना जा रहा है, जिसमें राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। गौरतलब है कि 20 मार्च को राज्य सरकार ने कैबिनेट विस्तार किया था और 22 मार्च को नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन किया गया। इसके बाद अब पहली बार सभी नए और पुराने मंत्री एक साथ कैबिनेट बैठक में शामिल हो रहे हैं। बैठक में पांच नए मंत्रियों का औपचारिक परिचय भी कराया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में पंचायतीराज, वन, शिक्षा और परिवहन जैसे अहम विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। कैबिनेट विस्तार के बाद अब मंत्रिमंडल पूर्ण रूप से गठित हो चुका है। ऐसे में सरकार के सामने विकास कार्यों को गति देने और आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर रणनीति बनाने की चुनौती भी है। माना जा रहा है कि बैठक में चुनावी दृष्टिकोण से भी कुछ अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। नए मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और छात्र कल्याण जैसे विभाग दिए गए हैं, जबकि भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास और एमएसएमई से जुड़े विभाग मिले हैं। मदन कौशिक को पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन और आयुष विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, प्रदीप बत्रा को परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी तथा राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास और पर्यावरण से जुड़े विभाग दिए गए हैं। यह बैठक नए मंत्रियों के लिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि वे पहली बार कैबिनेट में अपनी राय और सुझाव रखेंगे। अब तक बाहर से सरकार की नीतियों को देखने वाले ये नेता मंत्री बनने के बाद निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के फैसले आने वाले समय में राज्य की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेंगे।