नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली अगले तीन दिनों तक देश-विदेश के शीर्ष नेताओं की आवाजाही और कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से रविवार तक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत करीब एक दर्जन देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। भारत मंडपम और हैदराबाद हाउस में लगातार होने वाली इन बैठकों के बीच दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन भी हो रहा है। इसे देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और यातायात को लेकर व्यापक बदलाव किए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के तीन दिवसीय व्यस्त कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार 11 सितंबर से हो रही है। पहले दिन दोपहर साढ़े तीन बजे भारत मंडपम में उनकी मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होगी। इसके बाद शाम सवा छह बजे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और शाम पौने सात बजे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ उनकी बैठक प्रस्तावित है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन शुक्रवार को ही भारत पहुंच चुके हैं। उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। शनिवार 12 सितंबर प्रधानमंत्री मोदी के लिए सबसे व्यस्त दिनों में शामिल होगा। सुबह दस बजे हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ बैठक होगी। इसके बाद साढ़े दस बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात होगी। सुबह 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बातचीत होगी। साढ़े 11 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन ह्यूंग से भी बैठक निर्धारित है। इसी दिन राष्ट्रपति भवन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की राष्ट्रपति से मुलाकात होगी। वहीं, शाम पौने छह बजे भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वपूर्ण बैठक होगी। दोनों नेताओं की यह मुलाकात क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के लिहाज से अहम मानी जा रही है। रविवार 13 सितंबर को भी प्रधानमंत्री मोदी की कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। दोपहर ढाई बजे भारत मंडपम में कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट तोकायेव से मुलाकात होगी। इसके बाद तीन बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर और साढ़े तीन बजे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी के साथ बैठक होगी। इसके ठीक बाद दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मतामेला सिरिल रामाफोसा से भी प्रधानमंत्री मोदी मुलाकात करेंगे।
ब्रिक्स सम्मेलन के चलते दिल्ली में कड़े इंतजाम
ब्रिक्स सम्मेलन के चलते दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। 11 सितंबर को दिल्ली के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में छुट्टी रखी गई है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद पुलिस के बीच समन्वय बैठकें हो चुकी हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन निगरानी, होटलों की जांच और सीमावर्ती इलाकों में चेकिंग पर विशेष जोर दिया गया है। वीवीआईपी काफिलों की आवाजाही को देखते हुए कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए हैं। करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। इनमें सरदार पटेल मार्ग, मथुरा रोड, जनपथ, अशोक रोड, तीन मूर्ति मार्ग और अकबर रोड जैसे प्रमुख रास्ते शामिल हैं। कनॉट प्लेस, पटेल चौक और आरएमएल अस्पताल गोलचक्कर समेत करीब 22 स्थानों पर जरूरत के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम को भी 13 सितंबर तक बंद रखा गया है। राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान भी इस दौरान आम लोगों के लिए बंद रहेंगे।
12 सितंबर को ब्रिक्स नेताओं की अहम बैठक
ब्रिक्स सम्मेलन के लिहाज से 12 सितंबर सबसे महत्वपूर्ण दिनों में रहेगा। दोपहर दो बजे से ब्रिक्स देशों के नेताओं का भारत मंडपम पहुंचना शुरू होगा। इसके बाद आधिकारिक फोटो शूट होगा। दोपहर करीब सवा दो बजे नेताओं की बंद कमरे में बैठक प्रस्तावित है। बैठक में समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। शाम को भारत इनोवेट्स नाम से प्रदर्शनी का आयोजन होगा। इसके बाद नेताओं की ग्रुप फोटो और पौधरोपण कार्यक्रम होगा। दिन का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आयोजित गाला डिनर के साथ होगा। वीवीआईपी आवाजाही के कारण इस दिन दिल्ली की सड़कों पर यातायात का दबाव भी काफी बढ़ सकता है। 13 सितंबर को सम्मेलन का दूसरा और अंतिम दिन होगा। साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता सुबह भारत मंडपम पहुंचेंगे। इसके बाद ग्रुप फोटो और समिट का ओपन सेशन होगा। इस सत्र में वैश्विक मुद्दों पर नेताओं के संबोधन और महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है। इसके साथ ही 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का औपचारिक समापन होगा।

