Mar 21, 2026

उत्तराखंड में सत्ता का विकेंद्रीकरण: विभागों के बंटवारे से मुख्यमंत्री धामी ने दी मंत्रियों को बड़ी ताकत

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देहरादून। उत्तराखंड में कल ही हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कंधों पर बढ़ा विभागीय भार अब कम होने की उम्मीद है। वर्तमान में सीएम धामी के पास 35 विभागों की जिम्मेदारी है, जिन्हें अब नए मंत्रियों के बीच बांटा जाएगा। इससे न केवल मुख्यमंत्री का कार्यभार घटेगा, बल्कि शासन-प्रशासन के कामकाज में भी तेजी आने की संभावना है।

दरअसल, जब धामी दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे, तब उनके पास करीब 25 विभाग थे। लेकिन समय के साथ विभिन्न कारणों से विभागों की संख्या बढ़ती चली गई। मंत्री चंदन रामदास के निधन के बाद उनके सभी विभाग मुख्यमंत्री के पास आ गए। इसके बाद प्रेमचंद अग्रवाल के कैबिनेट से इस्तीफे के बाद वित्त, शहरी विकास, आवास और जनगणना जैसे अहम विभाग भी सीएम के पास ही आ गए। इस तरह विभागों की संख्या बढ़कर 35 तक पहुंच गई। इसके अलावा ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभाग भी वर्तमान में मुख्यमंत्री के पास ही हैं, जो पहले अन्य मंत्रियों को सौंपे गए थे। ऐसे में इतने बड़े विभागीय दायरे को संभालना प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हो गया था। अब मंत्रिमंडल में पांच नए मंत्रियों की एंट्री के बाद विभागों का बंटवारा किया जाएगा। माना जा रहा है कि नए मंत्री अपने-अपने विभागों में नई ऊर्जा और सोच के साथ काम करेंगे, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जनता तक लाभ अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचेगा। राजनीतिक दृष्टि से भी यह कदम अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में अगले विधानसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में नए मंत्रियों को अपने प्रदर्शन के जरिए जनता के बीच मजबूत पकड़ बनानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि विभागों के बंटवारे से प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी। कुल मिलाकर, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार अब ज्यादा सक्रिय और परिणामोन्मुखी तरीके से काम करती नजर आ सकती है।