Mar 05, 2026

कुंभ 2027 के अंतर्गत नए निर्माण कार्यों को प्रशासनिक अनुमति, हरिद्वार में सुविधाओं के विस्तार का खाका तैयार

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उत्तराखंड में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विभागों की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, कुंभ मेला-2027 की तैयारियां, आपदा सुरक्षा से जुड़े कार्य और पर्यावरण प्रबंधन जैसी कई परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर स्थित उपजिला चिकित्सालय में चिकित्साधिकारियों के लिए छह आवासीय भवनों के निर्माण के लिए चार करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना से अस्पताल में तैनात डॉक्टरों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर भी राज्य सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कुंभ मेला-2027 के अंतर्गत नए निर्माण कार्यों के लिए 50.27 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति को मंजूरी दी है। इसके अलावा हरिद्वार में हर की पैड़ी से ललतारों सेतु तक गलियों के सुधारीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए नौ करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन कार्यों से कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग से जुड़े एक प्रशासनिक निर्णय को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत लक्सर खंड के स्थान पर स्मार्ट सिटी पीआईयू, लोक निर्माण विभाग देहरादून से संबंधित कार्य कराए जाने का अनुमोदन दिया गया है। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। राज्य में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण स्वीकृतियां दी हैं। हरिद्वार जिले के खानपुर विधानसभा क्षेत्र में असुरक्षित सेतुओं के अंतर्गत नारसन-हरजौली-जट मुडलाना-लंडौरा-जौरासी बुढ्ढाहेड़ी-बजेडी-राजपुताना मोटर मार्ग पर स्थित आरसीसी सेतु की क्षतिग्रस्त एप्रोच की सुरक्षा के लिए 6.67 करोड़ रुपये की योजना के सापेक्ष पहली किस्त के रूप में 2.67 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 में प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए मांगे गए 32.50 करोड़ रुपये के सापेक्ष 25 करोड़ रुपये की धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि से जारी करने का अनुमोदन भी मुख्यमंत्री ने दिया है। इसके अलावा चंपावत, चमोली, उत्तरकाशी और देहरादून जिलों में नदी तटों पर बाढ़ सुरक्षा और भू-कटाव रोकने के लिए कई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। चंपावत जिले के पूर्णागिरी क्षेत्र में हुड्डी नदी से ग्राम छानीगोठ की सुरक्षा के लिए 5.75 करोड़ रुपये की योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 2.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार चमोली के गैरसैंण में रामगंगा नदी तट पर बाढ़ सुरक्षा कार्य, उत्तरकाशी के हर्षिल में भागीरथी नदी के तट पर सुरक्षात्मक कार्य और देहरादून के धर्मपुर क्षेत्र में सुसवा नदी पर बाढ़ सुरक्षा योजना के लिए भी पहली किस्त जारी करने की मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार जिले की नगर पंचायत ईमलीखेड़ा में लीगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए 13.90 लाख रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की है। इसके साथ ही पौड़ी गढ़वाल जिले के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोबरियासार, रिखणीखाल का नाम शहीद अनुज नेगी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है। इन फैसलों को राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।