खुरपिया में औद्योगिक विकास की नई उड़ान, 2028 तक तैयार होगा आईएमसी,1002 एकड़ में बिछेगा उद्योगों का मजबूत आधार

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देहरादून। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी), खुरपिया को राज्य के औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की तृतीय शीर्ष मॉनिटरिंग बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। बैठक में देशभर की औद्योगिक कॉरिडोर परियोजनाओं की प्रगति, समयबद्ध क्रियान्वयन और जरूरी आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने बैठक में उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण आईएमसी खुरपिया की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए निर्धारित 1,002 एकड़ भूमि पूरी तरह एनयूआईटीएल के अधीन है और फिलहाल परियोजना स्थल पर किसी प्रकार की बाधा नहीं है। इससे निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आईएमसी खुरपिया के विकास के लिए ईपीसी अनुबंध 20 मार्च 2026 को निष्पादित किया जा चुका है। इसके बाद परियोजना के निर्माण कार्य भी शुरू हो गए हैं। परियोजना के तहत कुल 24.1 किलोमीटर राइट ऑफ वे को क्लियर कर ईपीसी ठेकेदार को उपलब्ध करा दिया गया है। इससे सड़क निर्माण समेत ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अन्य कार्यों में तेजी आई है। राज्य सरकार परियोजना को बेहतर सड़क संपर्क देने के लिए नागला-किच्छा स्टेट हाईवे-44 के करीब 10.7 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन करने की दिशा में भी आवश्यक समन्वय और कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मार्ग भविष्य में  आईएमसी खुरपिया तक औद्योगिक इकाइयों की पहुंच आसान बनाने के साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा। औद्योगिक इकाइयों के लिए सड़क के साथ बिजली की मजबूत व्यवस्था को भी परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीटीसीयूएल की ओर से 400/220 केवी उपकेंद्र के समयबद्ध निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई और विभागीय समन्वय किया जा रहा है। पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होने से क्लस्टर में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को मजबूत आधार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़े औद्योगिक क्लस्टर की सफलता के लिए सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं का मजबूत नेटवर्क जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईएमसी खुरपिया में ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएमसी खुरपिया के ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का प्रस्ताव है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रत्येक चरण की लगातार निगरानी करने और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ गति बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। धामी ने केंद्र सरकार और एनआईसीडीआईटी/एनआईसीडीसी की ओर से गठित एसपीवी से परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग और समन्वय की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से खुरपिया को उत्तराखंड के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में विकसित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आईएमसी खुरपिया आने वाले वर्षों में उत्तराखंड के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा। परियोजना के आकार लेने के साथ राज्य में नए निवेश आकर्षित होने, औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। खासकर ऊधमसिंह नगर जैसे औद्योगिक क्षेत्र के लिए यह परियोजना आर्थिक गतिविधियों का नया इंजन बन सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड में आधुनिक औद्योगिक आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। आईएमसी खुरपिया को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को निवेशकों के लिए आकर्षक और युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर वाला राज्य बनाना है।