उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने मुख्यमंत्री को अपनी-अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी लोगों की शिकायतों और प्रार्थना पत्रों पर अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और मौके पर ही संबंधित विभागों को त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को शासकीय आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने व्यक्तिगत और क्षेत्रीय समस्याओं से जुड़े प्रकरण रखे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों की बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों से मामलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सड़क और संपर्क मार्ग, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, सिंचाई, रोजगार, स्थानांतरण और स्थानीय विकास से जुड़े मामले प्रमुखता से सामने आए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों का समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, उनमें अनावश्यक देरी न की जाए। वहीं, जिन मामलों में शासन स्तर पर निर्णय की आवश्यकता है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत तत्काल शासन को भेजने को कहा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सरकार के बीच आमजन का सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाता है। जनसुनवाई के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। साथ ही लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान का रास्ता भी खुलता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन से जुड़े मामलों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए। प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से जांच कर पात्रता और नियमों के अनुरूप समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुशासन का लाभ पहुंचाना है। सरकार की योजनाएं और नीतियां तभी सार्थक होंगी, जब उनका लाभ वास्तविक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने में अनावश्यक प्रक्रियात्मक देरी से बचा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता जरूरी है। हालांकि कार्रवाई पूरी तरह नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए। जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विभिन्न मामलों की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने के साथ उनके निस्तारण की नियमित निगरानी भी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभावनाओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

