उत्तराखंड सरकार ने बजट सत्र की तिथियां तय कर दी हैं। आगामी 9 से 13 मार्च तक ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में बजट सत्र आयोजित किया जाएगा। सत्र को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और पक्ष-विपक्ष के विधायक अपने-अपने स्तर पर तैयारी में जुट गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही संकेत दे चुके थे कि बजट सत्र गैरसैंण में आयोजित किया जाएगा। उनके संकेतों के आधार पर विधानसभा सचिवालय ने भी भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब सरकार ने आधिकारिक रूप से सत्र की तिथि तय कर दी है, जिससे राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।विधानसभा सचिवालय के अनुसार अब तक 500 से अधिक प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं। सत्र शुरू होने में अभी समय शेष है, ऐसे में प्रश्नों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। संबंधित विभागों द्वारा इन प्रश्नों के उत्तर तैयार किए जा रहे हैं, ताकि सदन में सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब दिए जा सकें।चुनाव वर्ष में आयोजित हो रहे इस बजट सत्र को विशेष महत्व का माना जा रहा है। सत्ता पक्ष जहां अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को सदन में रखने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है। विधायकों की प्राथमिकता अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं, विकास कार्यों, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की है।गैरसैंण में सत्र आयोजित होने से पहाड़ से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठती रही है, ऐसे में यहां बजट सत्र का आयोजन राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।कुल मिलाकर 9 से 13 मार्च तक भराड़ीसैंण विधानसभा में होने वाला बजट सत्र प्रदेश की दिशा और दशा तय करने वाला साबित हो सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार बजट में क्या खास घोषणाएं करती है और विपक्ष किन मुद्दों को लेकर सदन में सरकार को घेरता है।